जावेद अख़्तर लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
जावेद अख़्तर लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

मैं भूल जाऊं तुम्हें.....JAVED AKHTAR



Song- मैं भूल जाऊं तुम्हें...
Lyricist- जावेद अख़्तर
Singer- जगजीत सिंह
Music- जगजीत सिंह
Album- सिलसिला







मैं भूल जाऊं तुम्हें अब यही मुनासिब है
मगर भूलाना भी चाहूं तो किस तरह भूलूं
के तुम तो फिर भी हक़ीक़त हो कोई ख़्वाब नहीं
यहां तो दिल का ये आलम है
क्या कहूं..कम्बख़्त..
भूला सका ना ये वो सिलसिला जो था ही नहीं
वो इक ख़्याल जो आवाज़ तक गया ही नहीं
वो एक बात जो मैं कह नहीं सका तुमसे
वो एक रब्त* जो हममे कभी रहा ही नहीं
मुझे है याद वो सब जो कभी हुआ ही नहीं
अगर ये हाल है दिल का तो कोई समझाए
तुम्हें भूलाना भी चाहूं तो किस तरह भूलूं
के तुम तो फिर भी हक़ीक़त हो कोई ख़्वाब नहीं
के तुम तो फिर भी हक़ीक़त हो कोई ख़्वाब नहीं
के तुम तो फिर भी हक़ीक़त हो कोई ख़्वाब नहीं
के तुम तो फिर भी हक़ीक़त हो
कोई ख़्वाब नहीं...........
* रिश्ता

कभी यूं भी तो हो... JAVED AKHTAR

Song- कभी यूं भी तो हो..
Lyricist- जावेद अख़्तर
Singer- जगजीत सिंह
Music- जगजीत सिंह
Album- सिलसिले





दरिया का साहिल हो
पूरे चांद की रात हो
और तुम आओ


कभी यूं भी तो हो
कभी यूं भी तो हो....

परियों की महफ़िल हो
कोई तुम्हारी बात हो
और तुम आओ


कभी यूं भी तो हो....
कभी यूं भी तो हो....

कभी यूं भी तो हो

ये नरम मुलायम ठंडी हवाऐं
जब घर से तुम्हारे गुज़रें
तुम्हारी ख़ुशबू चुराएं
मेरे घर ले आएं


कभी यूं भी तो हो....
कभी यूं भी तो हो....


सूनी हर महफ़िल हो
कोई ना मेरे साथ हो
और तुम आओ
कभी यूं भी तो हो....



कभी यूं भी तो हो....
कभी यूं भी तो हो....


ये बादल ऐसा टूटके बरसे
मेरे दिल की तरह मिलने को
तुम्हारा दिल भी तरसे
तुम निकलो घर से


कभी यूं भी तो हो....
कभी यूं भी तो हो....


तन्हाई हो दिल हो
बूंदे हो बरसात हो
और तुम आओ
कभी यूं भी तो हो....

कभी यूं भी तो हो....


दरिया का साहिल हो
पूरे चांद की रात हो
और तुम आओ
कभी यूं भी तो हो

कभी यूं भी तो हो....