Song- बावरा मन...
Lyricist- स्वानंद किरकिरे
Singer- स्वानंद किरकिरे
Music- शांतुनु मोइत्रा
Film- हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी..
Director- सुधीर मिश्रा
- ये गाना सुनिए..
Song- बावरा मन...
Lyricist- स्वानंद किरकिरे
Singer- स्वानंद किरकिरे
Music- शांतुनु मोइत्रा
Film- हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी..
Director- सुधीर मिश्रा
Song- चड्डी पहनके फूल खिला है
Lyricist- गुलज़ार
Music- विशाल भारद्वाज
PROGRAMME- मोगली
जंगल-जंगल बात चली है, पता चला है..
अरे चड्डी पहनके फूल खिला है, फूल खिला है...
जंगल-जंगल पता चला है, चड्डी पहनके फूल खिला है..
जंगल-जंगल पता चला है, चड्डी पहनके फूल खिला है..
एक परिंदा होए शर्मिंदा..
था वो नंगा...
भइया, इससे तो अंडे के अंदर
था वो चंगा...
सोच रहा है बाहर आकर क्यूं निकला है...
अरे चड्डी पहनके फूल खिला है, फूल खिला है...
जंगल-जंगल पता चला है, चड्डी पहनके फूल खिला है..
जंगल-जंगल पता चला है, चड्डी पहनके फूल खिला है..
Song- अजनबी शहर है...
Lyricist- गुलज़ार
Singer- सोनू निगम
Music- अनू मलिक
FILM- जानेमन
DIRECTOR- शिरिष कुंडूर
Song- नैना ठंग लेंगे...
Lyricist- गुलज़ार
Singer- राहत फ़तेह अली खान
Music- विशाल भारद्वाज
FILM- ओंकारा
DIRECTOR- विशाल भारद्वाज

Song- तेरे इश्क़ में..
Lyricist- गुलज़ार
Singer- रेखा भारद्वाज
Music- विशाल भारद्वाज
Album- इश्क़ा-इश्क़ा

Song- बुल्ला की जाना
Lyricist- सूफ़ी बुल्ले शाह
Singer- रब्बी शेरगिल
Music- रब्बी शेरगिल

Song- जब भी चूम लेता हूं...
Lyricist- क़ैफ़ी आज़मी
Singer- रूप कुमार राठौर
Music- रूप कुमार राठौर
Album- प्यार का जश्न

Song- मैं भूल जाऊं तुम्हें...
Lyricist- जावेद अख़्तर
Singer- जगजीत सिंह
Music- जगजीत सिंह
Album- सिलसिला

Lyricist- नीलेश मिश्राSong- मैने दिल से कहा...
Song- क्या मुझे प्यार है...
Lyricist- नीलेश मिश्रा
Singer- के.के
Music- प्रतीम चक्रबर्ती
Film- वो लम्हें
Song- कुछ इस तरह तेरी पलकें...
Lyricist- सईद क़ादरी
Singer- अतीफ़ असलम
Music- मिथुन
Album- दूरी..

Song- रिश्ते तो नहीं
रिश्तों की परछाईयां मिले..
Lyricist- सईद क़ादरीSinger- जेम्स
Music- प्रतीम चक्रबर्ती
Film- लाइफ़ इन ए मैट्रो
- ये गाना सुनिए
रिश्ते तो नहीं रिश्तों की परछाईयां मिलेये कैसी भीड़ है बस यहां तन्हाईयां मिलेइक छत के तले अजनबी हो जाते हैं रिश्तेबिस्तर पे चादरों से चुप सो जाते हैं रिश्तेढूढें से भी इनमें नहीं गरमाईयां मिलेये कैसी भीड़ है बस यहां तन्हाईयां मिलेजिसको भी देखिए वो अधूरा सा है यहांजैसे कहीं होगा वो आधा रखा हुआजो जब जहां जुड़े वहीं जुदाईयां मिलेये कैसी भीड़ है बस यहां तन्हाईयां मिले

SONG- पानियों में चल रही है ..
SINGER- सज्जाद अली
PAKISTANI ALBUM
Song- चल चले अपने घर..
Lyricist- सईद क़ादरी
Singer- जेम्स
Music- प्रतीम चक्रबर्ती
Film- वो लम्हें
Song- बोल ना हल्के-हल्के..
कुछ करिए
कुछ करिए
नस-नस मेरी ख़ौले..
होए कुछ करिए
कुछ करिए
कुछ करिए
बस-बस बड़ा बोले..
अब कुछ करिए
हो.. कोई तो चल ज़िद फ़ड़िए
डबे, करिए या मरिए
हे.. कोई तो चल ज़िद फ़ड़िए
डूबे, करिए या मरिए
चक दे..
हो चक दे इंडिया
चक दे..
हो चक दे इंडिया
nowhere to run nowhere to hide
this is the time to do it now
गूंजों में गलियों में
रातों में फलियों में
महलों में बीजों में
ईदों में तीजों में
रेतों के दानों में
फ़िल्मों के गानों में
सड़कों के गड्डों में
बातों के अड्डों में
हुंकारा आज भर लें
दस-बारह बार कर लें
रहना ना यार पीछे
कितना भी कोई खींचे
टस है ना
मस है जी
ज़िद है तो
ज़िद है जी
पिसना यूं ही
पिसना यूं ही
बस करिए...
कोई तो चल ज़िद फ़ड़िए
डूबे, करिए या मरिए
हे.. कोई तो चल ज़िद फ़ड़िए
डूबे, करिए या मरिए
चक दे..
हो चक दे इंडिया
चक दे..
हो चक दे इंडिया
nowhere to run nowhere to hide
this is the time to do it now
लड़ती पंतगों में
भिड़ती उमंगों में
खेलों के मेलों में
बलखाती रेलों में
गानों के मीठे में
फक्कड़ में चींटें में
ढूढों तो मिल जाए
पत्ता वही जो मैं
रंग ऐसा आज निखरे
और खुल के आज बिखरे
मान गए ऐसी बोली
रग-रग में जल के बोली
टस है ना
मस है जी
ज़िद है तो
ज़िद है जी
पिसना यूं ही
पिसना यूं ही
पिसना यूं ही
बस करिए...
कोई तो चल ज़िद फ़ड़िए
डूबे, करिए या मरिए
हे.. कोई तो चल ज़िद फ़ड़िए
डूबे, करिए या मरिए
चक दे..
हो चक दे इंडिया
चक दे..
हो चक दे इंडिया
Song- जब भी सिगरेट जलती है
Song- सईंया-सईंया..
Lyricist- कैलाश खेर
Singer- कैलाश खेर
Music- कैलासा बैंड (कैलाश-परेश-नरेश)
Album- झूमो रे..
बहुत कम लोग जानते हैं कि कैलाश खेर गाने भी लिखते हैं। कैलाश के पास केवल जादूई आवाज़ ही नहीं है वो रूहानी कलम के भी फ़नकार है। उन्होंने अपनी पहली एलबम 'कैलासा' के लिए भी लिखा है और उनकी नई एलबम 'झूमो रे..' में भी उनके गाए गीत, उन्ही के लिखे हुए हैं। आपको उनका एक ख़ूबसूरत गाना तो याद ही होगा- 'तेरे नाम से जी लूं, तेरे नाम से मर जाउँ'
आपके लिए पेश है कैलाश खेर का लिखा और उन्हीं का गाया एक गाना...
ये गाना सुनने के लिए आप यहां क्लिक करें।
"हीरे-मोती मैं ना चाहूं, मैं तो चाहूं संगम तेरा..
मैं तो मेरी सईंया तू है मेरा..
तू जो छू ले प्यार से आराम से मर जाऊं,
आजा चंदा बाहों में
तुझ में ग़ुम हो जाऊं
मैं तेरे नाम में खो जाऊँ
सईंया... सईंया..
मेरे दिन खुशी से झूमें, गाए रातें
पल-पल मुझे डूबाए जाते-जाते
जीत-जीत हारूं, ये प्राण-प्राण वारूं
हो.. ऐसे मैं निहारूं
तेरी आरती उतारूं
तेरे नाम से जुड़ें हैं सारे नातें
सईंया....
बनके माला प्रेम की तेरे तन पे झर-झर जाऊं
बैठूं नईया प्रीत की संसार से तर जाऊं
तेरे प्यार से तर जाऊं
सईंया.....
ये नरम-नरम नशा है बढ़ता जाए
कोई प्यार से घुंघटिया देता उठाए
अब बावरा हुआ मन
जग हो गया है रोशन
ये नई-नई सुहागन
हो गई है तेरी जोगन
कोई प्रेम की पुजारन मंदिर सजाए
सईंया... सईंया....
हीरे-मोती मैं ना चाहूं
मैं तो चाहूं संगम तेरा
मैं ना जानूं, तू ही जाने
मैं तो तेरी, तू है मेरा................ "
Music- ए. आर. रहमान
Album- मां तुझे सलाम
महबूब उस गीतकार का नाम है जिन्हें अपने काम के मुताबिक उतना नाम नहीं मिल पाया जिसके वो हक़दार है। महबूब वो नाम है जो आवाज़ तक गया ही नहीं। महबूब ने 'हम दिल दे चुके सनम' के लिए 'तड़प-तड़प के ' लिखा है वहीं युवा के 'कभी नीम-नीम, कभी शहद-शहद' को महबूब ने फ़िल्म के बैकग्राउंड के मुताबिक बांग्ला अंदाज़ में बख़ूबी पेश किया। इसके अलावा वे रंगीला, दौड़, लकीरें, बॉंम्बे, तक्षक जैसी कई फ़िल्मों के लिए गीत लिख चुके हैं। ए. आर. रहमान की भी पसंद हैं महबूब। रहमान का गाया और महबूब का लिखा एक शानदार गीत....
यहां-वहां सारा जहां देख लिया है....
कहीं भी तेरा जैसा कोई नहीं है
अस्सी नहीं, सौ दिन दुनिया घूमा है
नहीं कहीं तेरा जैसा कोई नहीं
मैं गया जहां भी, बस तेरी याद ही
जो मेरे साथ थी
मुझको तड़पाती-रूलाती
सब से प्यारी तेरी सूरत
प्यार है बस तेरा, प्यार ही
मां तुझे सलाम, मां तुझे सलाम
अम्मा तुझे सलाम
वंदे मातरम, वंदे मातरम
वंदे मातरम, वंदे मातरम
वंदे मातरम, वंदे मातरम
जनम-जनम तेरा ही दीवाना मैं
झूमू-नांचूं, गाऊं तेरे प्यार का तराना मैं
जीना नहीं सोच नहीं दुनिया की दौलत नहीं
बस लूटूंगा तेरे प्यार ख़ज़ाना मैं
इक नज़र जब तेरी होती है प्यार की
दुनिया तब तो मेरी चमके-दमके-महके रे
तेरा चेहरा सूरज जैसा, चांद सी ठंड है प्यार में
वंदे मातरम, वंदे मातरम
वंदे मातरम, वंदे मातरम
वंदे मातरम, वंदे मातरम
तेरे पास ही मैं आ रहा हूं
अपनी बाहें खोल दे
ज़ोर से मुझको गले लगा ले
मुझको फिर वो प्यार दे
तू ही तो ज़िंदगी है, तू ही मेरी मोहब्बत है
तेरे ही पैरों में जन्नत है
तू ही दिल, तू जान, अम्मा
मां तूझे सलाम, मां तूझे सलाम
अम्मा तूझे सलाम, मां तूझे सलाम
वंदे मातरम, वंदे मातरम
वंदे मातरम, वंदे मातरम
वंदे मातरम, वंदे मातरम
वंदे मातरम, वंदे मातरम......
महबूब का एक और गाना
बेजान दिल को
बेजान दिल को
बेजान दिल को तेरे इश्क़ ने ज़िंदा किया
फिर तेरे इश्क़ ने ही इस दिल को तबाह किया
तड़प-तड़पके इस दिल से आह निकलती रही
मुझको सज़ा दी प्यार की ऐसा क्या गुनाह किया
तो लुट गए हां लूट गए
तो लुट गए हम तेरी मोहब्बत में...
अजब है इश्क़ यारा
पल-दो-पल की ख़ुशियां
ग़म के ख़ज़ानें मिलते हैं
फिर मिलती हैं तन्हाईयां
कभी आंसू, कभी आहें
कभी शिक़वे, कभी नालें
तेरा चेहरा नज़र आए
तेरा चेहरा नज़र आए मुझे दिन के उजालों में
तेरी यादें तड़पाएं
तेरी यादें तड़पाएं रातों के अंधेरों में
तेरा चेहरा नज़र आए
मचल-मचलके इस दिल से आह निकलती रही
मुझको सज़ा दी प्यार की ऐसा क्या गुनाह किया
तो लुट गए हां लुट गएतो लुट गए हम तेरी मोहब्बत में
अगर मिले ख़ुदा तो
पूछूंगा ख़ुदाया
जिस्म मुझे देके मिट्टी का
शीशे-सा दिल क्यों बनाया
और उसपे दिया फ़ितरत के वो करता है मोहब्बत वाह रे वाह तेरी क़ुदरत
वाह रे वाह तेरी क़ुदरत, उसपे दे दिया क़िस्मत
कभी है मिलन, कभी फ़ुरक़त
कभी है मिलन, कभी फ़ुरक़त है यही क्या वो मोहब्बत
वाह रे वाह तेरी क़ुदरत
सिसक-सिसकके इस दिल से आह निकलती रही
मुझको सज़ा दी प्यार की ऐसा क्या गुनाह किया
तो लुट गए, हां लुट गएतो लुट गए हम तेरी मोहब्बत में