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बावरा मन.....SWANAND KIRKIRE

Song- बावरा मन...
Lyricist- स्वानंद किरकिरे
Singer- स्वानंद किरकिरे
Music- शांतुनु मोइत्रा
Film- हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी..
Director- सुधीर मिश्रा


बावरा मन देखने चला एक सपना
बावरा मन देखने चला एक सपना

बावरे से मन की देखो बावरी हैं बातें
बावरे से मन की देखो बावरी हैं बातें
बावरी सी धड़कनें हैं बावरी हैं सांसें
बावरी सी करवटों से निंदियां दूर भागे
बावरे से नैन चाहे.. बावरे झरोखों से..
बावरे नज़ारों को तकना
बावरा मन देखने चला एक सपना

बावरे से इस जहां में बावरा एक साथ हो
इस सयानी भीड़ में बस हाथों में तेरा हाथ हो
बावरी सी धुन हो कोई, बावरा एक राग हो
बावरी सी धुन हो कोई, बावरा एक राग हो
बावरे से पैर चाहें....बावरे तरानों के...
बावरे से बोल पे थिरकना....

बावरा मन देखने चला एक सपना

बावरा सा हो अंधेरा, बावरी ख़ामोशियां
बावरा सा हो अंधेरा, बावरी ख़ामोशियां
थरथराती लौ हो मद्धम, बावरी मदहोशियां
बावरा एक घूंघट चाहे...हौले-हौले बिन बताए...
बावरे से मुखड़े से सरकना..

बावरा मन देखने चला एक सपना

चड्डी पहनके फूल खिला है....गुलज़ार

Song- चड्डी पहनके फूल खिला है

Lyricist- गुलज़ार
Music- विशाल भारद्वाज
PROGRAMME- मोगली






जंगल-जंगल बात चली है, पता चला है..

अरे चड्डी पहनके फूल खिला है, फूल खिला है...



जंगल-जंगल पता चला है, चड्डी पहनके फूल खिला है..

जंगल-जंगल पता चला है, चड्डी पहनके फूल खिला है..



एक परिंदा होए शर्मिंदा..

था वो नंगा...

भइया, इससे तो अंडे के अंदर

था वो चंगा...

सोच रहा है बाहर आकर क्यूं निकला है...

अरे चड्डी पहनके फूल खिला है, फूल खिला है...


जंगल-जंगल पता चला है, चड्डी पहनके फूल खिला है..
जंगल-जंगल पता चला है, चड्डी पहनके फूल खिला है..

अजनबी शहर है.... गुलज़ार

Song- अजनबी शहर है...
Lyricist- गुलज़ार
Singer- सोनू निगम
Music- अनू मलिक
FILM- जानेमन
DIRECTOR- शिरिष कुंडूर





अजनबी शहर है, अजनबी शाम है
जिंदगी अजनबी, क्या तेरा नाम है ?
अजीब है ये जिंदगी ये जिंदगी अजीब है
ये मिलती है बिछड़ती है, बिछड़ के फिर से मिलती है
अजनबी शहर है, अजनबी शाम है....


आप के बगैर भी हमें, मीठी लगें उदासियाँ
क्या, ये आपका, आपका कमाल है
शायद आपको खबर नहीं, हिल रही है पाँव की जमीं
क्या, ये आपका, आपका ख्याल है
अजनबी...शहर में... जिंदगी मिल गई
अजीब है ये जिंदगी, ये जिंदगी अजीब है
मैं समझा था करीब है, ये औरों का नसीब है

अजनबी शहर है, अजनबी शाम है
बात है ये इक रात की, आप बादलों पे लेटे थे
हुं वो याद है आपने बुलाया था
सर्दी लग रही थी आपको,पतली चाँदनी लपेटे थे
और शाल में ख्वाब के सुलाया था
अजनबी ही सही, सांस में सिल गई
अजीब है ये जिंदगी ये जिंदगी अजीब है
मेरी नहीं ये जिंदगी रकीब का नसीब है ।



नैना ठग लेंगें..... गुलज़ार


Song- नैना ठंग लेंगे...
Lyricist- गुलज़ार
Singer- राहत फ़तेह अली खान
Music- विशाल भारद्वाज
FILM- ओंकारा
DIRECTOR- विशाल भारद्वाज



नैणों की मत मानियो रे, नैणों की मत सुनियो
नैणो की मत सुनियो रे ,नैणा ठग लेंगे
नैणा ठग लेंगे, ठग लेंगे, नैणा ठग लेंगे,
जगते जादू फूंकेंगे रे, जगते-जगते जादू
जगते जादू फूंकेंगे रे, नींदें बंजर कर देंगे,
नैणा ठग लेंगे नैणा ठग लेंगे,
ठग लेंगे, नैणा ठग लेंगे
नैणों की मत मानियो रे.......

भला मन्दा देखे ना पराया ना सगा रे,
नैणों को तो डसने का चस्का लगा रे
भला मन्दा देखे ना पराया ना सगा रे,
नैणो को तो डसने का चस्का लगा रे
नैणो का जहर नशीला रे, नैणों का जहर नशीला.....
बादलों मे सतरंगियाँ बोवें, भोर तलक बरसावें
बादलों मे सतरंगियाँ बोवे, नैणा बावरा कर देंगे,
नैणा ठग लेंगे, नैणा ठग लेंगे,
ठग लेंगे, नैणा ठग लेंगे

नैणा रात को चलते-चलते, स्वर्गा मे ले जावें
मेघ मल्हार के सपने दीजे, हरियाली दिखलावें
नैणों की जुबान पे भरोसा नही आता,
लिखत पढत ना रसीद ना खाता
सारी बात हवाई रे, सारी बात हवाई
बिन बादल बरसावें सावण, सावण बिण बरसाता
बिण बादल बरसाए सावन, नैणा बावरे कर देंगे,
नैणा ठग लेंगेनैणा ठग लेंगे, नैणा ठग लेंगे
नैणा ठग लेंगे, नैणा ठग लेंगे
नैणों की मत मानियो रे.......
जगते जादू फूंकेंगे रे, जगते जगते जादू
नैणा ठग लेंगे, नैणा ठग लेंगे नैणा ठग लेंगे, नैणा ठग लेंगे



तेरे इश्क़ में.... गुलज़ार




Song- तेरे इश्क़ में..
Lyricist- गुलज़ार
Singer- रेखा भारद्वाज
Music- विशाल भारद्वाज
Album- इश्क़ा-इश्क़ा


तेरे इश्क़ में
हाय तेरे इश्क़ में
राख से रूखी
कोयल से काली
रात कटे ना हिज़्राँ* वाली (वियोग की रात)



तेरे इश्क़ में
हाय तेरे इश्क़ में




तेरी जुस्तजू
करते रहे
मरते रहे
तेरे इश्क़ में
तेरे रू-ब-रू
बैठे हुए
मरते रहे
तेरे इश्क़ में



तेरे रू-ब-रू
तेरी जुस्तजू*(तलाश)
तेरे इश्क़ में
हाय तेरे इश्क़ में


बादल धुने
मौसम बुने
सदियाँ गिनीं
लमहे चुने
लमहे चुने
मौसम बुने
कुछ गर्म थे
कुछ गुन-गुने

तेरे इश्क़ में
बादल धुने
मौसम बुने
तेरे इश्क़ में
तेरे इश्क़ में
हाय तेरे इश्क़ में




तेरे इश्क़ में
तन्हाईयाँ-तन्हाईयाँ
तेरे इश्क़ में
हमने बहुत बहलाईयाँ
तन्हाईयाँ
तेरे इश्क़ में
रूसे कभी मनवाईयाँ
तन्हाईयाँ तेरे इश्क़ में



मुझे टोह कर
कोई दिन गया
मुझे छेड़ कर
कोई शब गई
मैंने रख ली सारी आहटें
कब आई थी
शब कब गई

तेरे इश्क़ में
कब दिन गया
शब कब गई
तेरे इश्क़ में
तेरे इश्क़ में
हाय तेरे इश्क़ में
राख से रूखी ...



दिल सूफी था
हम चल दिये
जहाँ ले चला
तेरे इश्क़ में
हम चल दिये
तेरे इश्क़ में
हाय तेरे इश्क़ में

मैं आस्माँ
मैं ही ज़मीं
गीली ज़मीं
सीली ज़मीं
जब लब जले
पी ली ज़मीं
गीली ज़मीं

तेरे इश्क़ में

बुल्ला की जाना मैं कौण..... सूफ़ी बुल्लेशाह








Song- बुल्ला की जाना

Lyricist- सूफ़ी बुल्ले शाह
Singer- रब्बी शेरगिल
Music- रब्बी शेरगिल







बुल्ला कि जाणां मैं कौन ?
ना मैं मोमिन विच मसीताँ-1
ना मैं विच कुफ्र दियां रीताँ-2
ना मैं पाकां विच पलीताँ-3
ना मैं अन्दर वेद किताबाँ-4
ना मैं रहदाँ भंग शराबाँ-5
ना मैं रिंदाँ मस्त खराबाँ-6
ना मैं शादी ना ग़मनाकी-7
ना मैं विच पलीति पाकी-8
ना मैं आबी ना मैं खाकी-9
ना मैं आतिश ना मैं पौण-10


बुल्ला कि जाणां मैं कौन ?


1-ना मेरी मस्जिद में आस्था है. 2- ना व्यर्थ की पूजा पद्धतियों में.
3- ना मैं शुद्ध हूँ ना मैं अशुद्ध. 4-मैं नहीं वेदों और धर्मग्रंथों में हूं.
5- ना ही मुझे भांग या शराब की लत है 6- ना ही शराब सा मतवालापन
. 7- ना तुम मुझे पूर्णतः स्वच्छ मानो. 8-ना ही गंदगी से भरा हुआ.
9-ना जल, ना थल. 10-ना अग्नि ना वायु


ना मैं अरबी ना लहोरी-1
ना मैं हिन्दी शहर नगौरी-2
ना हिन्दु ना तुर्क पेशावरी-3
ना मैं भेद मज़हब दा पाया-4
ना मैं आदम हव्वा जाया-5
ना मैं अपणा नाम कराया-6
आव्वल आखिर आप नूँ जाणां-7
ना कोइ दूजा होर पहचाणां-8
मैं थों होर न कोई सियाणा-9
बुल्ला शाह खडा है कौण-10


बुल्ला कि जाणां मैं कौन?


1- ना मैं अरब का हूँ, ना लाहौर का.
2-ना नगौर मेरा शहर है ना मैं हिंदभाषी हूं
3-ना तो मैं हिंदू हूँ, ना पेशावरी तुर्क. 4-ना मुझे धर्मों का ज्ञान है
5-ना मैं दावा करता हूँ कि मैं आदम और हव्वा की संतान हूँ.
6-ये जो मेरा नाम है वो ले कर इस दुनिया में मैं नहीं आया
7-मैं पहला था, मैं ही आखिरी हूँ.
8- ना मैंने किसी और को जाना है ना मुझे ये जानने की जरूरत है.
9-गर अपने होने का सत्य पहचान लूँ.
10-तो फिर मुझ सा बुद्धिमान और कौन होगा?



ना मैं मूसा न फरौन-1
ना मैं जागन ना विच सौण-2

ना मैं आतिश ना मैं पौण-3
ना मैं रहदां विच नादौण-4
ना मैं बैठां ना विच भौण-5

बुल्ला शाह खडा है कौण-6
बुल्ला कि जाणां मैं कौन


1-ना तो मैं मूसा हूँ और ना ही फराओ .
2-ना मैं जाग रहा हूं, ना ही निंद्रा में हूं.
3- ना तो मैं आग में हूं, ना ही हवा में.
4- ना मैं ठहरा हूं, ना लगातार चल रहा हूं
5- मैं बुल्ले शाह आज तक अपने अक्स की तालाश में हूँ.
6- मैं नहीं जानता हूं मैं कौन हूं ?

जब भी चूम लेता हूं..... KAIFI AZMI



Song- जब भी चूम लेता हूं...
Lyricist- क़ैफ़ी आज़मी
Singer- रूप कुमार राठौर

Music- रूप कुमार राठौर
Album- प्यार का जश्न




जब भी चूम लेता हूं इन हसीन आंखों को
सौ चराग अंधेरे में झिलमिलाने लगते हैं



फूल क्या शग़ूफ़े(कलियां) क्या, चांद क्या सितारें क्या
सब रक़ीब(दुश्मन) क़दमों पर सरझुकाने लगते हैं



फूल खिलने लगते हैं उजड़े-उजड़े ग़ुलशन में
प्यासी-प्यासी धरती पर अब्र(बादल) छाने लगते हैं


लम्हें भर को ये दुनिया ज़ुल्म छोड़ देती है
लम्हें भर को सब पत्थर मुस्कुराने लगते हैं


मैं भूल जाऊं तुम्हें.....JAVED AKHTAR



Song- मैं भूल जाऊं तुम्हें...
Lyricist- जावेद अख़्तर
Singer- जगजीत सिंह
Music- जगजीत सिंह
Album- सिलसिला







मैं भूल जाऊं तुम्हें अब यही मुनासिब है
मगर भूलाना भी चाहूं तो किस तरह भूलूं
के तुम तो फिर भी हक़ीक़त हो कोई ख़्वाब नहीं
यहां तो दिल का ये आलम है
क्या कहूं..कम्बख़्त..
भूला सका ना ये वो सिलसिला जो था ही नहीं
वो इक ख़्याल जो आवाज़ तक गया ही नहीं
वो एक बात जो मैं कह नहीं सका तुमसे
वो एक रब्त* जो हममे कभी रहा ही नहीं
मुझे है याद वो सब जो कभी हुआ ही नहीं
अगर ये हाल है दिल का तो कोई समझाए
तुम्हें भूलाना भी चाहूं तो किस तरह भूलूं
के तुम तो फिर भी हक़ीक़त हो कोई ख़्वाब नहीं
के तुम तो फिर भी हक़ीक़त हो कोई ख़्वाब नहीं
के तुम तो फिर भी हक़ीक़त हो कोई ख़्वाब नहीं
के तुम तो फिर भी हक़ीक़त हो
कोई ख़्वाब नहीं...........
* रिश्ता

मैने दिल से कहा..... NEELESH MISRA




Song- मैने दिल से कहा...


Lyricist- नीलेश मिश्रा
Singer- के.के
Music- एम.एम. क़रीम
Film- रोग


मैने दिल से कहा ढूंढ लाना ख़ुशी
नासमझ लाया ग़म तो ये ग़म ही सही


बेचारा कहां जानता है
ख़लिश है ये क्या ख़ला है
शहर-भर की ख़ुशी से ये दर्द मेरा भला है
जश्न ये रास ना आए
मज़ा तो बस ग़म में आया है


मैने दिल से कहा ढूंढ लाना ख़ुशी
नासमझ लाया ग़म तो ये ग़म ही सही

कभी है इश्क़ का उजाला
कभी है मौत का अंधेरा
बताओ कौन भेस होगा
मैं जोगी बनूं या लुटेरा
कई चेहरे है इस दिल के
ना जाने कौन सा मेरा


मैने दिल से कहा ढूंढ लाना ख़ुशी
नासमझ लाया ग़म तो ये ग़म ही सही
हज़ारों ऐसे फ़ासले थे
जो तय करने चले थे
राहें मगर चल पड़ी थी
और पीछे हम रह गए थे
क़दम दो-चार चल पाए
किए फेरे तेरे मन के


मैने दिल से कहा ढूंढ लाना ख़ुशी
नासमझ लाया ग़म तो ये ग़म ही सही

क्या मुझे प्यार है... NEELESH MISRA


Song- क्या मुझे प्यार है...
Lyricist- नीलेश मिश्रा
Singer- के.के

Music- प्रतीम चक्रबर्ती
Film- वो लम्हें




क्यूं आजकल नींद कम ख़्वाब ज़्यादा है
लगता ख़ुदा का कोई नेक इरादा है
कल था फ़क़ीर आज दिल शहज़ादा है
लगता ख़ुदा का कोई नेक इरादा है
क्या मुझे प्यार है या
कैसा ख़ुमार है या
क्या मुझे प्यार है या
कैसा ख़ुमार है या



पत्थर के इन रस्तों पे
फूलों की इक चादर है
जबसे मिले हो हमको
बदला हर इक मंज़र है
देखो जहां में नीले-नीले आसमां तले
रंग नए-नए हैं जैसे घुलते हुए
सोए से ख़्वाब मेरे जागे तेरे वास्ते
तेरे ख़्यालों से है भीगे मेरे रास्ते
क्या मुझे प्यार है या
कैसा ख़ुमार है या

क्या मुझे प्यार है या
कैसा ख़ुमार है या


तुम क्यों चले आते हो
हर रोज़ इन ख़्वाबों में
चुपके से आ भी जाओ
इक दिन मेरी बाहों में
तेरे ही सपनें अंधरों में उजालों में
कोई नशा है तेरी आँख के प्यालों में
तू मेरे ख़्वाबों में जवाबों में सवालों में
हर दिन चुरा तुम्हें मैं लाता हूं ख़्यालों में
क्या मुझे प्यार है या
कैसा ख़ुमार है या
क्या मुझे प्यार है या
कैसा ख़ुमार है या


कुछ इस तरह.... SAYEED QUADRI

Song- कुछ इस तरह तेरी पलकें...
Lyricist- सईद क़ादरी
Singer- अतीफ़ असलम
Music- मिथुन
Album- दूरी
..





कुछ इस तरह तेरी पलकें
मेरी पलकों से मिला दे
आंसू तेरे सारे
मेरी पलकों पे सजा दे


तू हर घड़ी, हर वक़्त
मेरे साथ रहा है
हां ये जिस्म
कभी दूर, कभी पास रहा है
जो भी ग़म है ये तेरे
उन्हें तू मेरा पता दे


कुछ इस तरह तेरी पलकें
मेरी पलकों से मिला दे
आंसू तेरे सारे
मेरी पलकों पे सजा दे



मुझको तो तेरे चेहरे पे
ये ग़म नहीं जचता
जायज़ नहीं लगता
मुझे ग़म से तेरा रिश्ता
सुन मेरी गुज़ारिश
इसे चेहरे से हटा दे



कुछ इस तरह तेरी पलकें
मेरी पलकों से मिला दे
आंसू तेरे सारे
मेरी पलकों पे सजा दे.....

रिश्ते तो नहीं... SAYEED QUADRI



Song- रिश्ते तो नहीं
रिश्तों की परछाईयां मिले..

Lyricist- सईद क़ादरी

Singer- जेम्स
Music- प्रतीम चक्रबर्ती
Film- लाइफ़ इन ए मैट्रो



रिश्ते तो नहीं रिश्तों की परछाईयां मिले
ये कैसी भीड़ है बस यहां तन्हाईयां मिले
इक छत के तले अजनबी हो जाते हैं रिश्ते
बिस्तर पे चादरों से चुप सो जाते हैं रिश्ते

ढूढें से भी इनमें नहीं गरमाईयां मिले
ये कैसी भीड़ है बस यहां तन्हाईयां मिले

जिसको भी देखिए वो अधूरा सा है यहां
जैसे कहीं होगा वो आधा रखा हुआ

जो जब जहां जुड़े वहीं जुदाईयां मिले
ये कैसी भीड़ है बस यहां तन्हाईयां मिले

कभी यूं भी तो हो... JAVED AKHTAR

Song- कभी यूं भी तो हो..
Lyricist- जावेद अख़्तर
Singer- जगजीत सिंह
Music- जगजीत सिंह
Album- सिलसिले





दरिया का साहिल हो
पूरे चांद की रात हो
और तुम आओ


कभी यूं भी तो हो
कभी यूं भी तो हो....

परियों की महफ़िल हो
कोई तुम्हारी बात हो
और तुम आओ


कभी यूं भी तो हो....
कभी यूं भी तो हो....

कभी यूं भी तो हो

ये नरम मुलायम ठंडी हवाऐं
जब घर से तुम्हारे गुज़रें
तुम्हारी ख़ुशबू चुराएं
मेरे घर ले आएं


कभी यूं भी तो हो....
कभी यूं भी तो हो....


सूनी हर महफ़िल हो
कोई ना मेरे साथ हो
और तुम आओ
कभी यूं भी तो हो....



कभी यूं भी तो हो....
कभी यूं भी तो हो....


ये बादल ऐसा टूटके बरसे
मेरे दिल की तरह मिलने को
तुम्हारा दिल भी तरसे
तुम निकलो घर से


कभी यूं भी तो हो....
कभी यूं भी तो हो....


तन्हाई हो दिल हो
बूंदे हो बरसात हो
और तुम आओ
कभी यूं भी तो हो....

कभी यूं भी तो हो....


दरिया का साहिल हो
पूरे चांद की रात हो
और तुम आओ
कभी यूं भी तो हो

कभी यूं भी तो हो....

पानियों में चल रही है.... SAJJAD ALI


SONG- पानियों में चल रही है ..

SINGER- सज्जाद अली
PAKISTANI ALBUM

  • ये गाना सुनिए.....


    पानियों में चल रही है
    क़श्तियां भी जल रही हैं
    हम किनारे पर नहीं है
    हो.....



    ज़िंदगी की मेहरबानी
    है मोहब्बत की कहानी
    आंसूओं में पल रही है

    हो.....



    जो कभी मिलते नहीं है
    मिल भी जाते हैं कहीं
    पर ना मिले तो ग़म नहीं,
    हो.....



    दूर होते जा रहे हैं
    ये किनारे, वो किनारे
    ना हमारे, ना तुम्हारे
    हो.....



    पानियों में चल रही है
    क़श्तियां भी जल रही है
    हम किनारे पर नहीं है..
    हो.....




    ज़िंदगी की मेहरबानी
    है मोहब्बत की कहानी
    आंसूओं में पल रही है
    हो.....

चल चले अपने घर....SAYEED QADRI


Song- चल चले अपने घर..
Lyricist- सईद क़ादरी
Singer- जेम्स
Music- प्रतीम चक्रबर्ती

Film- वो लम्हें




चल चले अपने घर
ऐ मेरे हमसफ़र
बंद दरवाज़े कर
सबसे हो बेख़बर
प्यार दोनों करें
रातभर टूटकर
चल चले अपने घर
हमसफ़र
चल चले अपने घर
हमसफ़र.........




ना जहां भीड़ हो
ना जहां भर के लोग
ना शहर में बसे लाखों लोगों का शोर
चंद लम्हें तू इनसे मुझे दूर कर



चल चले अपने घर
हमसफ़र
चल चले अपने घर हमसफ़र.........




दूरियां दे मिटा
जो भी है दरमियां
आज कुछ ऐसे मिल
एक हो जाए जां
भर मुझे बांहों में
ले डूबा चाह में
प्यार कर तू बेपनाह
ख़त्म बेचैन रातों के हो सिलसिले
यूं लगा ले मुझे आज अपने गले
खोलो हर बंदिशें
आज मुझमें उतर
चल चले अपने घर
हमसफ़र
चल चले अपने घरहमसफ़र.........



चल चले अपने घर
हमसफ़र
चल चले अपने घर



हमसफ़र.........


बोल ना हल्के-हल्के... GULZAR

Song- बोल ना हल्के-हल्के..
Lyricist- गुलज़ार
Singer- राहत फ़तेह अली ख़ान, महालक्ष्मी अय्यर
Music- शंकर-एहसान-लॉय

Film- झूम बराबर झूम

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धागे तोड़ लाओ चांदनी से नूर के
घूंघट ही बनालो रोशनी से नूर के
शरमा गई तो आगोश में लो
हो सांसों से उलझी रहे मेरी सांसे

बोल ना हल्के-हल्के
बोल ना हल्के-हल्के
होंठ से हल्के-हल्के
बोल ना हल्के.....

आ नींद का सौदा करें
इक ख़्वाब दें इक ख़्वाब लें
इक ख्वाब तो आंखों में है
इक चांद के तकिए तले
कितने दिनों से ये आसमां भी
सोया नहीं है
इसको सुला दें...

बोल ना हल्के-हल्के
होंठ से हल्के-हल्के...

उम्रें लगीं कहते हुए
दो लफ़्ज़ थे इक बात थी
वो इक दिन सौ साल का
सौ साल की वो रात थी
कैसा लगे जो चुपचाप दोनों
हो..पल-पल में पूरी सदियां बीता दें

बोल ना हल्के-हल्के
होंठ से हल्के-हल्के...

धागे तोड़ लाओ चांदनी से नूर के
घूंघट ही बनालो रोशनी से नूर के
शरमा गई तो आगोश में लो
हो सांसों से उलझी रहे मेरी सांसे

बोल ना हल्के-हल्के
बोल ना हल्के-हल्के
होंठ से हल्के-हल्के
बोल ना हल्के.....


चक दे इंडिया... JAIDEEP SAHNI

Song- चक दे इंडिया..
Lyricist- जयदीप साहनी
Singer- सुखविंदर सिंह, सलीम मर्चेंट,
मैरिएन-डी क्रूज़
Music- सलीम-सुलेमान
Film- चक दे इंडिया
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कुछ करिए
कुछ करिए
नस-नस मेरी ख़ौले..
होए कुछ करिए



कुछ करिए
कुछ करिए
बस-बस बड़ा बोले..
अब कुछ करिए



हो.. कोई तो चल ज़िद फ़ड़िए
डबे, करिए या मरिए
हे.. कोई तो चल ज़िद फ़ड़िए
डूबे, करिए या मरिए



चक दे..
हो चक दे इंडिया
चक दे..
हो चक दे इंडिया

nowhere to run nowhere to hide

this is the time to do it now

गूंजों में गलियों में
रातों में फलियों में
महलों में बीजों में
ईदों में तीजों में
रेतों के दानों में
फ़िल्मों के गानों में
सड़कों के गड्डों में
बातों के अड्डों में



हुंकारा आज भर लें
दस-बारह बार कर लें
रहना ना यार पीछे
कितना भी कोई खींचे
टस है ना
मस है जी
ज़िद है तो
ज़िद है जी
पिसना यूं ही
पिसना यूं ही
बस करिए...



कोई तो चल ज़िद फ़ड़िए
डूबे, करिए या मरिए
हे.. कोई तो चल ज़िद फ़ड़िए
डूबे, करिए या मरिए



चक दे..
हो चक दे इंडिया
चक दे..
हो चक दे इंडिया



nowhere to run nowhere to hide
this is the time to do it now

लड़ती पंतगों में
भिड़ती उमंगों में
खेलों के मेलों में
बलखाती रेलों में
गानों के मीठे में
फक्कड़ में चींटें में
ढूढों तो मिल जाए
पत्ता वही जो मैं
रंग ऐसा आज निखरे
और खुल के आज बिखरे
मान गए ऐसी बोली
रग-रग में जल के बोली
टस है ना
मस है जी
ज़िद है तो
ज़िद है जी
पिसना यूं ही
पिसना यूं ही
पिसना यूं ही
बस करिए...



कोई तो चल ज़िद फ़ड़िए
डूबे, करिए या मरिए
हे.. कोई तो चल ज़िद फ़ड़िए
डूबे, करिए या मरिए



चक दे..
हो चक दे इंडिया
चक दे..
हो चक दे इंडिया

जब भी सिगरेट जलती है.. GULZAR

Song- जब भी सिगरेट जलती है
Lyricist- गुलज़ार
Singer- अदनान सामी
Music- विशाल भारद्वाज
Film- नो स्मोकिंग
ये गाना सुनने के लिए यहां क्लिक करें..

hey!! i wana tell u abt this thing
this stick call da cigratte yeah hhh

हुमम फिर तलब-तलब है तलब-तलब
बेसबब-बेसबब फिर तलब है तलब


शाम होने लगी है
शाम होने लगी
लाल होने लगी है
लाल होने लगी


जब भी सिगरेट जलती है
मैं जलता हूं
आग पे पांव पड़ता है
कम्बख़्त धुंए में चलता हूं....


जब भी सिगरेट जलती है
मैं जलता हूं


फिर किसी ने जलाई एक दियासलाई-2
आसमां जल उठा है
शाम ने राख उड़ाई
उबले जैसा सुलगता हूं
कम्बख़्त धुएं में जलता हूं...

लंबे धागे धुंए के -2
सांस सिलने लगी हैं
प्यास उधड़ी हुई है
होंठ छिलने लगे हैं
शाम होने लगी है
शाम होने लगी
लाल होने लगी है
लाल होने लगी


हर बार धुंआ जो निगलता हूं
कम्बख़्त धुंए में चलता हूं
जब भी सिगरेट जलती है
मैं जलता हूं
आग पे पांव पड़ते हैं
कम्बख़्त धुंए पे चलता हूं


जब भी सिगरेट जलती है
मैं जलता हूं

सईंया-सईंया....(कैलाश खेर) KAILASH KHER

Song- सईंया-सईंया..
Lyricist- कैलाश खेर
Singer- कैलाश खेर
Music- कैलासा बैंड (कैलाश-परेश-नरेश)
Album- झूमो रे..
बहुत कम लोग जानते हैं कि कैलाश खेर गाने भी लिखते हैं। कैलाश के पास केवल जादूई आवाज़ ही नहीं है वो रूहानी कलम के भी फ़नकार है। उन्होंने अपनी पहली एलबम 'कैलासा' के लिए भी लिखा है और उनकी नई एलबम 'झूमो रे..' में भी उनके गाए गीत, उन्ही के लिखे हुए हैं। आपको उनका एक ख़ूबसूरत गाना तो याद ही होगा- 'तेरे नाम से जी लूं, तेरे नाम से मर जाउँ'

आपके लिए पेश है कैलाश खेर का लिखा और उन्हीं का गाया एक गाना...

ये गाना सुनने के लिए आप यहां क्लिक करें।



"हीरे-मोती मैं ना चाहूं, मैं तो चाहूं संगम तेरा..
मैं तो मेरी सईंया तू है मेरा..

तू जो छू ले प्यार से आराम से मर जाऊं,
आजा चंदा बाहों में
तुझ में ग़ुम हो जाऊं
मैं तेरे नाम में खो जाऊँ
सईंया... सईंया..

मेरे दिन खुशी से झूमें, गाए रातें
पल-पल मुझे डूबाए जाते-जाते
जीत-जीत हारूं, ये प्राण-प्राण वारूं
हो.. ऐसे मैं निहारूं
तेरी आरती उतारूं
तेरे नाम से जुड़ें हैं सारे नातें
सईंया....

बनके माला प्रेम की तेरे तन पे झर-झर जाऊं
बैठूं नईया प्रीत की संसार से तर जाऊं
तेरे प्यार से तर जाऊं
सईंया.....

ये नरम-नरम नशा है बढ़ता जाए
कोई प्यार से घुंघटिया देता उठाए
अब बावरा हुआ मन
जग हो गया है रोशन
ये नई-नई सुहागन
हो गई है तेरी जोगन
कोई प्रेम की पुजारन मंदिर सजाए
सईंया... सईंया....

हीरे-मोती मैं ना चाहूं
मैं तो चाहूं संगम तेरा
मैं ना जानूं, तू ही जाने
मैं तो तेरी, तू है मेरा................ "

वंदे मातरम (महबूब) MEHBOOB

Song- वंदे मातरम...
Lyricist- महबूब
Singer- ए. आर. रहमान

Music- ए. आर. रहमान
Album- मां तुझे सलाम

महबूब उस गीतकार का नाम है जिन्हें अपने काम के मुताबिक उतना नाम नहीं मिल पाया जिसके वो हक़दार है। महबूब वो नाम है जो आवाज़ तक गया ही नहीं। महबूब ने 'हम दिल दे चुके सनम' के लिए 'तड़प-तड़प के ' लिखा है वहीं युवा के 'कभी नीम-नीम, कभी शहद-शहद' को महबूब ने फ़िल्म के बैकग्राउंड के मुताबिक बांग्ला अंदाज़ में बख़ूबी पेश किया। इसके अलावा वे रंगीला, दौड़, लकीरें, बॉंम्बे, तक्षक जैसी कई फ़िल्मों के लिए गीत लिख चुके हैं। ए. आर. रहमान की भी पसंद हैं महबूब। रहमान का गाया और महबूब का लिखा एक शानदार गीत....


यहां-वहां सारा जहां देख लिया है....
कहीं भी तेरा जैसा कोई नहीं है
अस्सी नहीं, सौ दिन दुनिया घूमा है
नहीं कहीं तेरा जैसा कोई नहीं
मैं गया जहां भी, बस तेरी याद ही
जो मेरे साथ थी
मुझको तड़पाती-रूलाती
सब से प्यारी तेरी सूरत
प्यार है बस तेरा, प्यार ही
मां तुझे सलाम, मां तुझे सलाम
अम्मा तुझे सलाम
वंदे मातरम, वंदे मातरम
वंदे मातरम, वंदे मातरम
वंदे मातरम, वंदे मातरम

जनम-जनम तेरा ही दीवाना मैं
झूमू-नांचूं, गाऊं तेरे प्यार का तराना मैं
जीना नहीं सोच नहीं दुनिया की दौलत नहीं
बस लूटूंगा तेरे प्यार ख़ज़ाना मैं
इक नज़र जब तेरी होती है प्यार की
दुनिया तब तो मेरी चमके-दमके-महके रे
तेरा चेहरा सूरज जैसा, चांद सी ठंड है प्यार में
वंदे मातरम, वंदे मातरम
वंदे मातरम, वंदे मातरम
वंदे मातरम, वंदे मातरम

तेरे पास ही मैं आ रहा हूं
अपनी बाहें खोल दे
ज़ोर से मुझको गले लगा ले
मुझको फिर वो प्यार दे
तू ही तो ज़िंदगी है, तू ही मेरी मोहब्बत है
तेरे ही पैरों में जन्नत है
तू ही दिल, तू जान, अम्मा
मां तूझे सलाम, मां तूझे सलाम
अम्मा तूझे सलाम, मां तूझे सलाम
वंदे मातरम, वंदे मातरम
वंदे मातरम, वंदे मातरम
वंदे मातरम, वंदे मातरम
वंदे मातरम, वंदे मातरम......

महबूब का एक और गाना

बेजान दिल को
बेजान दिल को
बेजान दिल को तेरे इश्क़ ने ज़िंदा किया
फिर तेरे इश्क़ ने ही इस दिल को तबाह
किया

तड़प-तड़पके इस दिल से आह निकलती रही

मुझको सज़ा दी प्यार की ऐसा क्या गुनाह किया

तो लुट गए हां लूट गए

तो लुट गए हम तेरी मोहब्बत में...

अजब है इश्क़ यारा

पल-दो-पल की ख़ुशियां

ग़म के ख़ज़ानें मिलते हैं

फिर मिलती हैं तन्हाईयां

कभी आंसू, कभी आहें

कभी शिक़वे, कभी नालें

तेरा चेहरा नज़र आए

तेरा चेहरा नज़र आए मुझे दिन के उजालों में

तेरी यादें तड़पाएं

तेरी यादें तड़पाएं रातों के अंधेरों में

तेरा चेहरा नज़र आए

मचल-मचलके इस दिल से आह निकलती रही

मुझको सज़ा दी प्यार की ऐसा क्या गुनाह किया

तो लुट गए हां लुट गएतो लुट गए हम तेरी मोहब्बत में

अगर मिले ख़ुदा तो

पूछूंगा ख़ुदाया

जिस्म मुझे देके मिट्टी का

शीशे-सा दिल क्यों बनाया

और उसपे दिया फ़ितरत के वो करता है मोहब्बत वाह रे वाह तेरी क़ुदरत

वाह रे वाह तेरी क़ुदरत, उसपे दे दिया क़िस्मत

कभी है मिलन, कभी फ़ुरक़त

कभी है मिलन, कभी फ़ुरक़त है यही क्या वो मोहब्बत

वाह रे वाह तेरी क़ुदरत

सिसक-सिसकके इस दिल से आह निकलती रही

मुझको सज़ा दी प्यार की ऐसा क्या गुनाह किया

तो लुट गए, हां लुट गएतो लुट गए हम तेरी मोहब्बत में