हर रंग में उमंग है
हर रंग में तरंग है
रंगों भरी होली में..
हर तरफ़ हुड़दंग है
और जब इस हुड़दंग में
मिल जाए दिलों की मस्ती
तब भूलकर हर गिले-शिक़वे
रंगों में डूब जाए हर हस्ती..
आओ बिखेरे प्यार के रंग
मनाए होली इक-दूजे के संग...
- पुनीत भारद्वाज
हर रंग में उमंग है
हर रंग में तरंग है
रंगों भरी होली में..
हर तरफ़ हुड़दंग है
और जब इस हुड़दंग में
मिल जाए दिलों की मस्ती
तब भूलकर हर गिले-शिक़वे
रंगों में डूब जाए हर हस्ती..
आओ बिखेरे प्यार के रंग
मनाए होली इक-दूजे के संग...
- पुनीत भारद्वाज
वो ममता की मूरत है,
तो कभी एक लाडली बेटी...
एक आदर्श बहू होने के साथ,
वो बंधी है राखी की डोर से...
कभी वो कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ती है,
तो कभी उस अबला को रहना पड़ता है दहलीज़ की मर्यादाओं में...
नारी की शक्ति पर टिका है सारा जहान
नारी के इन सब रूपों को हमारा सलाम
- पुनीत भारद्वाज
18 अगस्त को गुलज़ार साहब पैदा हुए थे... गुलज़ार साहब के जन्मदिन पर मेरी ये पेशकश...
टैक्स पे टैक्स..
औंधे मुंह गिरता सेनसेक्स..
इनफ्लेशन का दौर..
महंगाई चारों ओर..
चिदंबरम का पिटारा तय करेगा आप पर बजट का भार
और कितनी पड़ेगी इस साल टैक्स की मार
क्या आपकी जेब झेल पाएगी... बजट 2008
क्योंकि ये मेरी जेब है !
-पुनीत भारद्वाज



तुषार उप्रेती
